Wednesday, May 4, 2011

अद्भुत संयोगः 8 मई तक जन्म लेगा कोई इतिहास पुरुष



3 मई से 8 मई के बीच एक ऐसा अद्भुत योग बन रहा है जिसमें देश और दुनिया में नाम रोशन करने वाला कोई इतिहास पुरुष जन्म लेगा। इस समय चार बड़े ग्रह अपनी उच्च राशि में या खुद की राशि में होंगे। इनके प्रभाव से इन चार दिनों में पैदा होने वाले लगभग सारे बच्चे बहुत भाग्यशाली होंगे।



इन सब में एक विशेष लग्न और योग में ऐसा बच्चा भी जन्म लेगा जिसकी गिनती दुनिया के महापुरुषों में होगी। 

3 मई से 8 मई के बीच में जन्म लेने वाले बच्चे अपने देश का नाम रोशन करने वाले होंगे। इस समय में जन्म लेने वाले बच्चों की कुंडली में  सात मुख्य ग्रहों में से 4 ग्रह सूर्य, गुरु, शुक्र और मंगल अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति में रहेंगे। ये चार ग्रह बहुत अच्छा फल देने वाले रहेंगे। इन ग्रहों के प्रभाव से इस समय में जन्म लेने वाले बच्चे कुछ विलक्षण प्रतिभा के होंगे।  किस ग्रह की वजह से कैसे होंगे जन्म लेने वाले बच्चे? 

सूर्य- 14 अप्रैल से सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में आ गया है। जब किसी कुंडली में सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होता है तो ऐसा जातक तेजस्वी आत्मविश्वासी, उच्च नेतृत्व क्षमता वाला और अपने पुरुषार्थ से प्रसिद्धि पाने वाला होता है। उच्च राशि में सूर्य होने से ऐसे जातक अपने पिता का नाम रोशन करते हैं। ऐसे लोगों की आत्मा पवित्र होती है। ये लोग ईमानदार होते हैं और कभी गलत तरीके से धन नहीं कमाते।



गुरु- यह ग्रह अपनी ही राशि यानि मीन राशि में स्थित है। गुरु के अपनी ही राशि में होने के प्रभाव से जातक बौद्धिक दृष्टि से अच्छा होता है। ऐसा जातक व्यवहारिक और बुद्धिमान होता है। गुरु की अच्छी स्थिति के कारण ही ऐसा जातक देशप्रेमी और देश के हित को सर्वोपरि मानते हुए हर काम करता है। गुरु के प्रभाव से ऐसा मनुष्य दयावान होता है। सामाजिक कार्योँ में ऐसे लोगों को बहुत पद-प्रतिष्ठा और सम्मान मिलता है।



शुक्र- 16 अप्रैल से शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में आ चुका है। इस राशि में शुक्र  शुभ फल देने वाला होता है। कुंडली में उच्च राशि का शुक्र होना धैर्य मे वृद्धि और शारीरिक शक्ति देने वाला होता है। शुक्र ग्रह अपनी प्रकृति के अनुसार उच्च राशि में बैठकर जातक में आकर्षण शक्ति बढ़ाता है और लोगों में प्रसद्धि बनाता है। जातक स्पष्टवादी स्वभाव का होता है। अपनी वाणी और चतुरता से सबको मोहित करता है। हर काम को कुशलता और व्यवस्थित तरह से करना इनका गुण होता है।



मंगल- 3 मई से मंगल अपनी ही राशि मेष में आ गया है और अपनी ही राशि में बैठ कर सर्वश्रेष्ठ फल प्रदान करेगा। मंगल पराक्रम, वीरता और शक्ति का कारक ग्रह है। कुंडली के शुभ स्थान में बैठ कर मंगल जातक को जुझारू और कार्य के प्रति समर्पित बनाता है। मंगल के प्रभाव से जातक बहुत सारी स्थायी सम्पत्ति का मालिक बनता है। मंगल के प्रभाव से जातक का कर्मक्षेत्र पुलिस, सेना या इंजीनियरिंग होता है। ऐसे बच्चे अनुशासन प्रिय होते हैं।




Varinder Kumar
ASTROLOGER
Shop No 74 Ghumar Mandi
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01614656864
09915081311
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Tuesday, May 3, 2011

हर अंगुली बोलती है आपके मन की बात



ज्योतिष के अनुसार हस्तरेखा भविष्य जानने की सटीक विद्या है। इसके माध्यम से किसी भी व्यक्ति के भूत, भविष्य और वर्तमान तुरंत ही मालुम किए जा सकते हैं। साथ ही हाथों की बनावट से व्यक्ति का स्वभाव और उसके विचारों को भी जाना जा सकता है।

हस्तरेखा के अध्ययन में हाथ की छोटी-छोटी बातों का भी गहरा महत्व है। जैसे अंगुलियों की बनावट कैसी है? इस बात से किसी भी व्यक्ति के स्वभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। जानिए क्या कहती हैं आपकी अंगुलियां-

तर्जनी अंगुली- इंग्लिश में इसे इंडेक्स फिंगर कहते हैं। ज्योतिष के अनुसार इस अंगुली के नीचे के भाग को गुरु पर्वत कहते हैं इसी वजह से इसे गुरु की अंगुली भी कहते हैं। इससे व्यक्ति की नेतृत्व क्षमता, महत्वाकांक्षा आदि पर विचार किया जाता है।

मध्यमा अंगुली- यह शनि की अंगुली कही जाती है। इसका इंग्लिश नाम मिडिल फिंगर है। यह अंगुली नुकीली हो तो व्यक्ति आलसी स्वभााव का होता है। इस अंगुली का सबसे ऊपर का भाग चमकदार हो तो व्यक्ति अच्छा वक्ता, प्रभावशाली होता है।

अनामिका अंगुली- यह अंगुली सूर्य की अंगुली कहलाती है। इंग्लिश में इसे रिंग फिंगर भी कहते हैं। यह अंगुली मध्यमा अंगुली से बड़ी हो तो व्यक्ति जोखिम उठाने वाला होता है। अनामिका और तर्जनी बराबर हो तो व्यक्ति में मान-सम्मान और धन कमाने की तीव्र इच्छा होती है।

कनिष्ठिका या लिटिल फिंगर- कनिष्ठिका अंगुली को बुध की अंगुली कहा जाता है। इस अंगुली की अच्छी-बुरी अवस्था से व्यक्ति की बुद्धि और कला आदि पर विचार किया जाता है।




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अगर किया हो किसी ने बिजनेस पर टोटका तो यह करें



व्यापार-व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा भी होती है लेकिन कुछ लोग तंत्र का प्रयोग कर दूसरे की दुकान या व्यवसाय को बांध देते हैं जिसके कारण चलता हुआ बिजनेस भी ठप्प हो जाता है। यदि किसी ने आपके व्यापार-व्यवसाय पर भी तांत्रिक प्रयोग कर दिया हो तो इस साधना से उस तांत्रिक प्रयोग को काटा जा सकता है। इस उपाय से व्यापार फिर से उन्नति करने लगेगा। यह उपाय अक्षय तृतीया(6 मई, शुक्रवार) को करें तो और भी अधिक शुभ फल प्रदान करता है।

उपाय

1 दिव्य शंख, 11 लक्ष्मीकारक कौडिय़ां एवं सात गोमती चक्र, 108 काली मिर्च, 108 लौंग एवं थोड़ी सी सरसों (लगभग 100 ग्राम) को पीसकर रख लें। शाम को बाजोट (लकड़ी का पटिया) पर एक काला कपड़ा बिछाकर किसी कटोरी में इस मिश्रण को भरकर स्थापित कर लें। अब सरसों के तेल का दीपक जलाकर इस कटोरी को भीतर रख दें। फिर दक्षिण की तरफ मुंह करके बैठें एवं नीचे लिखे मंत्र की 3 माला जप करें।

मंत्र

ऊँ दक्षिण भैरवाय भूत-प्रेत बंध तंत्र बंध निग्रहनी सर्व शत्रु संहारणी सर्व कार्य सिद्धि कुरु-कुरु फट् स्वाहा

अगले दिन थोड़ा सा मिश्रण कटोरी में से निकालकर दुकान के सामने बिखेर दें। इस प्रयोग द्वारा आप किसी भी प्रकार के तंत्र बंधन को काट सकते हैं।




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एक छाता आपको बना सकता है मालामाल



लगातार बढ़ते तापमान ने सभी को बेहाल कर दिया है। इन दिनों सूर्य अपने पूरे प्रभाव दिखाएगा और ऐसे में गर्मी और अधिक बढ़ेगी। समर्थ लोग तो इस गर्मी से बचने के लिए कई प्रकार के प्रयास अवश्य ही करते हैं लेकिन गरीब और असमर्थ लोगों को इससे बचने के लिए कोई सही उपाय नहीं मिल पाता है। ज्योतिष के अनुसार ऐसे लोगों को छाया का दान करने से हमारे सभी मनोरथ पूरे होते हैं और सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही धन संबंधी परेशानियां भी दूर होती हैं।

ज्योतिष के अनुसार शनिदेव को सबसे अधिक क्रूर ग्रह माना गया है और इन्हें न्यायाधिक का पद भी प्राप्त है। हमारे अच्छे-बुरे कर्मों का ठीक वैसा ही फल हमें प्रदान करते हैं। इसके अलावा शनिदेव गरीब लोगों का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। गरीब और असमर्थ लोगों की मदद करने वाले व्यक्तियों से शनि विशेष प्रसन्न रहते हैं और उन्हें शुभ फल धन आदि रूप में प्रदान करते हैं। गर्मी के दिनों में सबसे ज्यादा गरीबों का बुरा हाल होता है, ऐसे में उन्हें इस परेशानी से बचाने पर उनकी दुआं के प्रभाव ेसे हमारे सभी बिगड़े कार्य बन जाएंगे।

गर्मी से बचाने के लिए सबसे अच्छा उपाय है छाया का दान। धूप से बचाव से के लिए जगह-जगह टेंट, छत, चद्दर आदि लगाकर यह दान किया जा सकता है। इसके अलावा किसी गरीब व्यक्ति को या किसी ब्राह्मण को काले रंग का छाता दान करने से भी कई शुभ फल प्राप्त होते हैं। काला रंग शनि से संबंधित है और इसी वजह से शनिदेव के कुप्रभाव से बचने के लिए काले रंग की वस्तुओं का दान किया जाता है। गर्मी में छाते का दान निश्चित ही आपकी कई प्रकार की परेशानियां का प्रभाव कम करेगा।




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