
मंङ्गलमय जीवन वहीं होता है, जब मन को
प्रसन्नता मिले। यह मात्र बाहरी सुख-सुविधाओं को पाने से ही नहीं मिलता,
बल्कि अच्छे कर्म, विचार और व्यवहार से ही मिलता है। हिन्दू धर्म में
खुशहाल व आनंदमय जीवन पाने के लिए ही भगवान शिव के साथ चंद्र पूजा का महत्व
बताया गया है।
शिव की उपासना से सांसारिक जीवन की सभी कामनाओं की
पूर्ति व आचरण की शुद्धता के लिए सोमवार का दिन बहुत ही शुभ माना गया है।
वहीं सोमवार को चंद्र पूजा से मानसिक शांति व शक्ति प्राप्त होती है।
ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक भी चंद्र व शिव पूजा जन्मकुण्डली में चन्द्र
दोष से होने वाले रोग व पीड़ा से रक्षा करती है।
भगवान शिव स्वंय
शशिधर या चन्द्रमौलीश्वर यानी चन्द्र को धारण करने वाले देवता है। इसलिए
शिव पूजा से चंद्र पूजा का फल प्राप्त होता है। इसलिए यहां बताए जा रहे शिव
पूजा के छोटे-छोटे उपाय कर आप भी सुख व ऐश्वर्य प्राप्त कर धन व मन से सबल
बन सकते हैं -
- सोमवार को स्नान के बाद शिवालय में शिव को जल में
दूध व सफेद चंदन मिलाकर या गाय के दूध से ऊँ नम: शिवाय यह पंचाक्षरी
मंत्र बोलते हुए स्नान कराएं।
- स्नान के बाद शिवलिंग पर सफेद चंदन
का त्रिपुण्ड्र बनाए व बिल्वपत्र, धतुरा या आंकड़े के फूल के साथ अक्षत
चढ़ाते हुए नीचे लिखा मंत्र बोलें -
ऊँ नम: शम्भवाय च मयो भवाय च नम: शङ्कराय च मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च।
- शिवलिंग के सामने सफेद आसन पर बैठ चंद्र मंत्र 'ऊँ सों सोमाय नम:' मंत्र का रुद्राक्ष की माला से कम से कम 108 बार जप करें।
- पूजा, मंत्र स्मरण व जप के बाद शिव को मेवे-मिश्री का भोग लगाएं। शिव की गो घृत दीप व कर्पूर से आरती करें।
- मस्तक पर सफेद चंदन वैभव संपन्नता व मानसिक शांति की कामना के साथ लगाएं।
- यथाशक्ति चंदन की अंगूठी, छल्ला या कड़ा चंद्र दोष शांति के लिये पहनें।
- सफेद गाय को दूध की मिठाई जैसे पेड़े या बताशे खिलाएं।