
कर्म से नाता टूटते ही आलस्य और दरिद्रता जीवन को घेरने लगते हैं, जो अनेक दोष, विकार व पापों का कारण बन दु:ख और तंगहाली के दलदल में फंसा सकते हैं। यही कारण है शास्त्रों में भी कर्म और पुरुषार्थ की अहमियत को सबसे ऊपर माना गया है।
मान्यता है कि कर्म से जीवन को संपन्न रखने वाले पर ही देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न रहती है। ऐसी देवी कृपा से मिले वैभव और सुख कायम रखने और अभावमुक्त जीवन जीने के लिए ही शास्त्रों में देवी लक्ष्मी की उपासना के विशेष मंत्र और घडिय़ां बड़ी शुभ मानी गई है।
इनमें देवी उपासना के विशेष काल नवमी तिथि भी प्रमुख है। जिसका योग शनिवार और रविवार के साथ बना है। जानते हैं इसमें किस मंत्र का ध्यान कर देवी लक्ष्मी की कृपा पाएं -
- नवमी तिथि पर देवी लक्ष्मी की कमल पर विराजित प्रतिमा को लाल वस्त्र बिछी चौकी पर विराजित कर देवी को जल व दूध से स्नान कराएं। लाल पूजा सामग्री जिनमें लाल गंध, लाल अक्षत, लाल वस्त्र, मौली शामिल हो, देवी को अर्पित करें।
- दूध की खीर का भोग लगाएं। नीचे लिखा विशेष देवी मंत्र बोल सुख-संपन्नता की कामना करें -
सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि।
सर्वदु:खहरे देवि महालक्ष्मी नमोस्तुते।।
- देवी की धूप व घी के दीप से आरती करें। दीप ज्योति व प्रसाद ग्रहण करें। सफलता, तरक्की व समृद्धि की कामना करें। लाल चंदन से स्वस्तिक घर के बाहरी दरवाजे के दोनों ओर बनाएं।
ये पत्थर जितना महंगा है उतनी ही आसानी से आपको दौलत-शोहरत दिलवा देगा। इस पत्थर को पास में रखने से आपके सारे शौक पूरे हो जाएंगे।
लेकिन हीरे जैसा दिखने वाला एक पत्थर और होता है जो हीरा ही है लेकिन ये मुख्य रूप से हीरे का उपरत्न है। इसका नाम अमेरिकन डायमंड है। अगर आप जल्दी ही मालामाल होना चाहते है तो असली हीरा पहनें।
जानें किस अंगुली में पहनें तो होगा शुभ
मेष- बाएं हाथ की तर्जनी (इंडेक्स फिंगर)
वृष- दाएं हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर)
मिथुन- दाएं हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर)
कर्क- बाएं हाथ की कनिष्ठा (लिटील फिंगर )
सिंह- बाएं हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर)
कन्या- दाएं हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर)
तुला- दाएं हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर)
वृश्चिक- बाएं हाथ की मध्यमा (मीडील फिंगर)
धनु- दाएं हाथ की तर्जनी (इंडेक्स फिंगर)
मकर- दाएं हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर)
कुंभ- दाएं हाथ की मध्यमा (मीडील फिंगर)
मीन- दाएं हाथ की तर्जनी (इंडेक्स फिंगर)

शास्त्र कहते हैं कि अर्थ यानी धन संपन्न व्यक्ति के लिए विद्यावान, गुणवान और कुलीन या प्रतिष्ठित बनना संभव हो जाता है, किंतु व्यक्ति निर्धन या दरिद्र हो जाए तो उसके सारे गुणों पर दुर्गण हावी होकर दु:ख का कारण बन जाते हैं। इसलिए धन को कर्म, कला, शक्ति व ज्ञान प्राप्ति का साधन भी माना गया है।
धार्मिक दृष्टि से शक्ति, ज्ञान व वैभव का यही स्वरूप महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती के रूप में पूजनीय है। इसलिए महाकाली मलिनता, रोग, दोष व कलह का नाश कर शक्ति संपन्न, महालक्ष्मी धन संपन्न और महासरस्वती विद्या व ज्ञान का स्वामी बनाने वाली मानी गई है।
ऐसी ही कामनासिद्धि के लिए शुक्रवार को देवी उपासना के शुभ दिन देवी की लाल सामग्रियों से विशेष पूजा के बाद नीचे लिखे एक ही मंत्र से तीनों देवियों की कृपा प्राप्त होने का महत्व बताया गया है।
- देवी मंदिर या घर पर ही महालक्ष्मी, महाकाली व महासरस्वती प्रतिमा या या वैष्णो देवी के चित्र पर लाल चंदन, अक्षत, लाल फूल, लाल मौली या वस्त्र, नारियल अर्पित कर धूप व घी का दीप प्रज्जवलित करें व लाल आसन पर बैठ धन, पद व यश की कामना के साथ नीचे लिखा देवी मंत्र बोलें -
कामेश्वरी महालक्ष्मीं ब्रह्माण्ड वश कारिणीम्।
सिद्धेश्वरी सिद्धिदात्रीं शत्रूणां भय दानिनीम्।।
ऋद्धि देवीं पात-वसं उद्यत-भानु सम-प्रभाम्।
कुलदेवीं नमामि स्वां सर्व-काम-प्रदां शिवाम्।।
सिद्धि-रूपेण देवी त्वां विष्णु प्राण-वल्लभाम्।
काली-रूप धृतां उग्रां रक्तबीज-निपातिनीम्।।
विद्या रूप धरां पुण्यां शुभ लाभ प्रद स्थिताम्।
दुर्गा-रूप-धरां देवीं दैत्य-दर्प-विनाशिनीम्।।
मूषक वाहना रूढां सिंह-वाहन-संयुताम्।
ऋद्धि-सिद्धि, महादेवि पूर्ण सौभाग्यं देहि मे।।
- इस देवी मंत्र स्तुति के बाद तीनों देवियों की धूप, दीप व कर्पूर आरती करें। दीपज्योति ग्रहण कर क्षमाप्रार्थना के साथ प्रसाद ग्रहण करें। नारियल लाल वस्त्र में बांध तिजोरी में ररखना भी मंगलकारी व समृद्धिदायक माना गया है।
आपको यकीन नहीं होगा ये जानकर कि क्या जानवर भी आपका भविष्य बता सकते हैं। लेकिन ये सच है। ये बात तो रहस्य है कि ये जानवर कैसे बता देते हैं कि आने वाले कल में क्या होने वाला है लेकिन ज्योतिष का मानना है कि जानवरों को पूर्वाभास हो जाता है कि आने वाले कल में क्या घटना होने वाली है।
जनिए कैसे
गाय- अगर आपका कोई काम होने वाला है या आप किसी काम के लिए जा रहे हैं तब गाय रम्भा दे तो समझ लेना चहिए आपका सोचा हुआ काम पूरा होगा।
कौआ- अगर आपके साथ कुछ बुरा या अशुभ होने वाला है तो कौआ आपके सिर पर चौंच मार के आपको बाता देगा।
कुत्ता- अगर आपके साथ कुछ बुरा या अशुभ होने वाला है तो कुत्ता आपके घर की तरफ मुंह कर के रोने लगेगा।
बिल्ली- अगर आपके साथ कुछ बुरा होने वाला है तो बिल्ली रास्ता काट लेगी।
कबूतर- अगर आपके घर पर कबूतरों का डेरा लगा है तो समझना चाहिए घर का कोई सदस्य कम होने वाला है या धीरे-धीरे वो घर सुनसान होने वाला है।
तंत्र क्रियाओं में अनेक वनस्पतियों का उपयोग किया जाता है, हत्थाजोड़ी भी उन्हीं में से एक है। तंत्र शास्त्र में हत्थाजोड़ी को बहुत ही चमत्कारी माना गया है। इसे साथ या घर में रखने से ही कई संकट टल जाते हैं। नीचे हत्थाजोड़ी के कुछ अचूक टोटके बताए गए हैं जिन्हें करने से जीवन की हर परेशानी पर काबू पाया जा सकता है। यह इस प्रकार हैं-
1- हत्थाजोड़ी को सिंदूर में, चमेली के इत्र व लौंग के साथ डिब्बी में भरकर रखने से धन आगमन होता है।
2- यदि एक हत्थाजोड़ी, तीन लौंग तथा कुछ राई के दाने लेकर लाल कपड़े में बांधकर अपने सिर पर 11 बार घुमाकर मंगलवार के दिन घर की जमीन में गाड़ दें तो घर पर किया हुआ तंत्र प्रयोग समाप्त हो जाता है।
3- हत्थाजोड़ी को सिंदूर से भरी हुई डिब्बी में रखकर अपने व्यापारिक स्थर पर स्थापित करने से व्यापार में उन्नति होती है।
4- किसी विशेष कार्य के लिए जाते समय हत्थाजोड़ी साथ में रखें तो कार्य सफल होता है।

अगर आप चाहते हैं कि प्रॉपर्टी इनवेस्टमेंट में आपको फायदा मिलें तो पहले ये पढ़ लें। हम बता रहे हैं कि आपको राशि के अनुुसार कहां इनवेस्ट करना है। ज्योतिष के अनुसार आपको किस दिशा में प्रॉपर्टी खरीदना है?
अगर आपकी राशि मेष या वृश्चिक है तो आपके लिए दक्षिण दिशा शुभ है। अगर दक्षिण न हो तो ईशान कोण में प्रॉपर्टी खरीदें। लेकिन जहां तक संभव हो उत्तर दिशा में निवेश से बचना चाहिए।
मिथुन या कन्या राशि वालों के लिए उत्तर दिशा श्रेष्ठ है। अगर इस राशि के लोग जन्म स्थान से उत्तर दिशा में प्रोपर्टी में निवेश करें तो फायदेमंद होगा।
कर्क और सिंह राशि वाले लोग सूर्य और चंद्रमा से प्रभावित होते हैं। कर्क राशि वालों के लिए पूर्व दिशा और वायव्य कोण एवं सिंह राशि का वालों के लिए दक्षिण दिशा अनुकूल है।
अगर आपकी राशि वृष या तुला है तो आपके लिए दक्षिण दिशा अनुकूल है।
मकर और कुंभ राशि वालों के लिए पश्चिम दिशा लाभदायक है। इस राशि वालों के लिए नैऋत्य कोण भी पैसों में वृद्धिदायक रहता है।
धनु और मीन राशि वालों के लिए ईशान कोण यानी पूर्व-उत्तर दिशा शुभ है। इन राशि के व्यक्तियों को जन्म स्थान से दूर निवेश करना हो, तो पूर्व और उत्तर दिशा में ही करना चाहिए।
क्या आप जानते हैं आपके कम्प्यूटर का वालपेपर आपके कार्य को प्रभावित करता है। यदि आप चाहते हैं कि आप अपने कार्य में एकदम परफेक्ट हो और कार्य फटाफट कम्प्लीट हो जाए। तो अपने डेस्कटॉप पर दौड़ते हुए घोड़े का फोटो लगाएं।
यदि आपके डेस्कटॉप पर दौड़ते हुए घोड़े का फोटो होगा तो सच मानिए आपके कार्य में तेजी आएगी। घोड़ा हमेशा से ऊर्जा का प्रतीक रहा है। इसे देखकर कार्य में ध्यान लगता है और ऊर्जा मिलती है। यदि आपको अक्सर नकारात्मक विचारों से जुझना पड़ता है तो यह फोटो आपके विचारों पर भी अच्छा प्रभाव डालेगा।
शास्त्रों के अनुसार घोड़े को शक्ति का पर्याय माना गया है। ये एक ऐसा जीव है जो स्वस्थ होने पर जीवन में कभी भी बैठता नहीं है। घोड़ा कभी थकता भी नहीं है। इसी वजह से जहां घोड़ा या घोड़े का फोटो भी रहता है तो वहां का वातावरण भी ऊर्जा से भरपूर हो जाता है।
कम्प्यूटर के अतिरिक्त यदि आप ऑफिस में दौड़ते हुए घोड़े का बड़ा फोटो लगाएंगे तो इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। आप अपना कार्य पूरी तन्मयता के साथ कर पाएंगे। सफलता आपके कदम चूमेगी।