Wednesday, August 24, 2011

इन पांच अंगों पर बनाएं ये दिव्य चिन्ह, छप्पर फाड़कर मिलेगा पैसा



शिवजी मस्तक पर त्रिपुण्ड्र धारण करते हैं। त्रिपुण्ड्र अर्थात् तीन आड़ी रेखाएं। शिव पुराण और अन्य शास्त्रों के अनुसार इन तीनों रेखाओं में 27 देवताओं का वास है। हर रेखा में 9-9 देवता विराजमान हैं। शिवलिंग के विधिवत पूजन के बाद भक्तों को भी इस प्रकार त्रिपुण्ड्र धारण करना चाहिए।

आज के समय में हर व्यक्ति की सबसे बड़ी जरूरत है पैसा। सभी अधिक से अधिक धन प्राप्त करना चाहते हैं और इसीलिए कई प्रकार के प्रयास भी करते हैं। ज्योतिष के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह दोष हो तो वह धन संबंधी परेशानियां खड़ी कर सकता है। ऐसे में पूरी ईमानदारी से मेहनत करने के बाद भी पर्याप्त प्रतिफल प्राप्त नहीं हो पाता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए संबंधित ग्रह दोष का उचित उपचार करना चाहिए। इसके साथ ही प्रतिदिन यह उपाय भी करें-

प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें, नित्यकर्मों से निवृत्त होकर शिव मंदिर जाएं। शिवलिंग का विधिवत पूजन करें। पूजन के पश्चात इन पांच अंगों पर चंदन या भस्म का त्रिपुण्ड्र धारण करें- सबसे पहले मस्तक पर त्रिपुण्ड्र धारण करें। इसके बाद दोनों बाजुओं पर त्रिपुण्ड्र बनाएं। अंत में हृदय स्थल और नाभि पर त्रिपुण्ड्र धारण करें। इस प्रकार प्रतिदिन करें। सच्चे मन और गहरी आस्था से की गई ऐसी पूजा से शिवजी अति प्रसन्न होते हैं और भक्त को मनचाही वस्तुएं प्रदान करते हैं। पैसा या धन की चाह रखने वालों को उनकी इच्छानुसार धन प्रदान करते हैं, मालामाल बना देते हैं।
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